सोमवार, 12 मई 2025

जोड़ियां ऊपरवाला नहीं बनाता!"

 "

कभी कहा जाता था — 'रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं',

पर अब जो जोड़ियां बनती हैं,

वो 'CV', 'Caste', 'Package' और 

'Property papers' देखकर बनती हैं।


आजकल ना दिल की सुनी जाती है,

ना सोच की परख होती है।

अब पूछते हैं —

"लड़का क्या करता है?"

"लड़की कितनी सुंदर है?"

"दहेज कितना मिलेगा?"

"सरकारी नौकरी है या नहीं?"


रुतबा, हैसियत, बैंक बैलेंस और गाड़ी —

इन्हीं से तय होती है 'जोड़ी'।

और जब ये जोड़ियां टूटती हैं,

तो फिर कहते हैं — किस्मत ख़राब थी!


नहीं जनाब,

किस्मत नहीं, चुनाव आपका था —

जो दिल से नहीं, दस्तावेज़ों से किया गया।


सोचिए...

क्या हम सच में जीवनसाथी ढूंढ रहे हैं

या सिर्फ एक 'सोशल स्टेटस मैच'? वैभव बेख़बर

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